शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2014

पुरुषार्थ क्यों आवश्यक है ?

आज मैं आपको एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ - 'पुरुषार्थ क्यों आवश्यक है ?'
इस प्रश्न का जवाब रीडर्स से मांगने के बजाये मैं स्वयं दे रहा हूँ। पुरुषार्थ का मतलब है मेहनत। इस मतलब से देखें तो प्रश्न हो जाता है - मेहनत क्यों आवश्यक है? मेहनत यानि पुरुषार्थ, एक आवश्यक चीज़ है क्योंकि इससे हम अपने वर्त्तमान और भविष्य को संवार सकते हैं।

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2014

ब्लॉग-लेखन की शुरुआत


सर्व प्रथम में इस ब्लॉग की शुरुआत "श्री गणेशाय नम:" से करता हूँ। हे भगवन! आपकी स्वीकृति के बगैर इस जहां में कोई कार्य सफल नहीं हो सकता है। इसके बाद मैं अपने दादाजी-दादीजी एवं नानाजी-नानीजी का स्मरण करता हूँ, जिनके जीवन साक्षात प्रेरणा-पुंज है। मेरे नानाजी अक्सर कहा करते थे कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।