सर्व प्रथम में इस ब्लॉग की शुरुआत "श्री गणेशाय नम:" से करता हूँ। हे भगवन! आपकी स्वीकृति के बगैर इस जहां में कोई कार्य सफल नहीं हो सकता है। इसके बाद मैं अपने दादाजी-दादीजी एवं नानाजी-नानीजी का स्मरण करता हूँ, जिनके जीवन साक्षात प्रेरणा-पुंज है। मेरे नानाजी अक्सर कहा करते थे कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
उनकी इस बात का हम पर और हमारे मन-मस्तिष्क पर बड़ा असर रहा। कहते हैं कि जैसा हम सीखते है, वैसा ही करते हैं। सेवानिवृति के बाद भी जिस तरह उन्होंने समाज सेवा को अपना कर्म बना लिया इस चीज़ से भी हमने बहुत कुछ सीखा। एक समाज की मासिक पत्रिका को संपादक के रूप में जिस तरह प्रभावशाली ढंग से चलाया वो बहुत ही अच्छी बात है।
सच कहूँ तो मेहनत से इंसान को तरक्की, ख़ुशी से ज्यादा जो मिलता है वो है संतुष्टि। यह संतुष्टि जो मिलती है मनुष्य को ये तब महसूस होती है जब वो दिन के आखिर पड़ाव में महसूस करता है। लोग कहते हैं कि जब हम कड़ी मेहनत करते हैं एवं अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं उसके बाद थकान में भी राहत की अनुभूति होती है, ये बात प्रत्यक्ष रूप से प्रमाणित है। आप खुद भी इसे आजमा कर देख सकते हैं।
इस ब्लॉग को शुरू करने के पीछे मेरा लक्ष्य ये रहा है कि अपने विचार समस्त ब्लॉग-रीडर्स से साझा कर सकूँ, ताकि अपने विचार से रूबरू करवा पाऊँ आप सब को। यह ब्लॉग आप सबको समर्पित है, किसी भी शिकायत, सुझाव, फीडबैक के लिए आप मुझसे ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। मेरा ईमेल पता है: authorankitsingh@gmail.com
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